इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026
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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (16-20 फरवरी)
यह सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। यह अपनी तरह का पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है जो 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) में हो रहा है।
थीम: "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" (सभी का कल्याण, सभी की खुशी)।
तीन मुख्य स्तंभ (सूत): लोग (People), ग्रह (Planet), और प्रगति (Progress)।
प्रतिभागी: इसमें 110 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 राष्ट्राध्यक्ष और गूगल, ओपनएआई (Sam Altman) व माइक्रोसॉफ्ट जैसे टेक दिग्गजों के CEO शामिल हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और सुंदर पिचाई की मुलाकात के मुख्य बिंदु
बुधवार (18 फरवरी) को हुई इस मुलाकात में भारत के एआई भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और चर्चाएं हुईं:
1. गूगल का भारी निवेश
गूगल ने भारत में एआई बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए 15 अरब डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की योजना साझा की है। इसमें विशाखापत्तनम में एक विशाल AI Hub की स्थापना भी शामिल है।
2. इंडिया-अमेरिका कनेक्ट (सबसी केबल)
कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गूगल एक नई सबसी केबल (समुद्री केबल) बिछाएगा जो भारत और अमेरिका को सीधे जोड़ेगी। इससे डेटा ट्रांसफर और एआई प्रोसेसिंग की गति में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
3. कौशल विकास (Skilling) और शिक्षा
गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट: छात्रों और पेशेवरों के लिए हिंदी और अंग्रेजी में विशेष एआई कोर्स शुरू किए जाएंगे।
अटल टिंकरिंग लैब्स: लगभग 10,000 स्कूलों में 1.1 करोड़ छात्रों को 'जेनरेटिव एआई' (GenAI) टूल्स सिखाए जाएंगे।
मिशन कर्मयोगी: 2 करोड़ सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने के लिए गूगल 'कर्मयोगी भारत' के साथ साझेदारी कर रहा है।
4. कृषि और स्वास्थ्य में एआई
सुंदर पिचाई ने बताया कि गूगल भारतीय भाषाओं में जानकारी तक पहुंच बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और किसानों को वास्तविक समय में अलर्ट भेजने के लिए एआई का उपयोग कर रहा है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक को 'अत्यंत सुखद' बताया और कहा कि भारत का लक्ष्य एआई को केवल तकनीक तक सीमित न रखकर इसे मानवीय कल्याण का जरिया बनाना है।



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