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यथा कर्म तथा फलम्”
आदरणीय मंचासीन अतिथिगण, गुरुजन और मेरे प्रिय साथियो — आज मैं पूरे उत्साह के साथ एक महान सत्य पर अपने विचार रखना चाहता/चाहती हूँ — “यथा कर्म तथा फलम्।” इसका अर्थ है — जैसा हमारा कर्म होगा, वैसा ही हमारा भविष्य होगा। यह केवल एक सूक्ति नहीं, बल्कि जीवन का अटल नियम है। साथियो, सपने देखने से सफलता नहीं मिलती — सफलता मिलती है मेहनत से, लगन से और निरंतर प्रयास से। बीज बोए बिना फसल नहीं उगती, और परिश्रम किए बिना सफलता नहीं मिलती। इतिहास गवाह है कि जिन्होंने अपने कर्म पर विश्वास किया,
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