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सही समझ और सही कर्म—एक उज्ज्वल भविष्य का आधार
आदरणीय मुख्य अतिथि, विद्वान शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियों, आज मैं एक ऐसे शाश्वत मंत्र पर अपने विचार साझा करने जा रहा हूँ, जो प्राचीन काल में जितना सत्य था, आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल युग में उससे कहीं अधिक अनिवार्य हो गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है: " यद्भावं तद्भवति " (अर्थात: जैसा हमारा भाव या समझ होती है, वैसा ही हमारा अस्तित्व और हमारे कर्म बन जाते हैं।) भगवान बुद्ध ने सदियों पहले सिखाया था कि संसार की सभी समस्याओं की जड़ 'अज्ञानता' है। उनके अष्टा
2 days ago3 min read
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